दैनिक न्यूज टाईम्स/ जालंधर कैंट ( सुनिता) दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान एवं समूह जालंधर निवासियों द्वारा भव्य स्तर पर आयोजित होने जा रही श्री राम कथा अमृत का आयोजन 22 नवंबर से 28 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन शाम 6:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक साईं दास स्कूल ग्राउंड, जालंधर में किया जाएगा। श्री राम कथा का वाचन करने के लिए विश्वविख्यात साध्वी सुश्री श्रेया भारती जी पधार रही हैं।
कथा के प्रचार-प्रसार हेतु जालंधर कैंट के बजरंग भवन मंदिर में मंदिर के प्रधान श्री भूषण अग्रवाल जी के तत्वाधान में एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक गुरुदेव श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री सुमन भारती जी ने भक्त हनुमान जी की लीलाओं का व्याख्यान करते हुए बताया कि हनुमान जी केवल शक्ति और पराक्रम के प्रतीक ही नहीं, बल्कि प्रभु श्री राम के प्रति अटूट भक्ति, समर्पण, विनम्रता और सेवाभाव के अद्भुत आदर्श हैं।
उन्होंने कहा कि हनुमान जी का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि जब मनुष्य अपने जीवन को ईश्वर की भक्ति और सेवा के लिए समर्पित कर देता है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास, साहस और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हनुमान जी ने अपने प्रत्येक कार्य को प्रभु श्री राम की सेवा मानकर किया और इसी निस्वार्थ भाव के कारण वे भक्तों के लिए श्रद्धा एवं प्रेरणा के केंद्र बने हुए हैं।
साध्वी जी ने उपस्थित श्रद्धालुओं को श्री राम कथा अमृत में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का आह्वान किया। भजन संध्या के दौरान प्रस्तुत भजनों से वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर प्रभु श्री राम एवं हनुमान जी का गुणगान किया।इस अवसर पर उनके साथ साध्वी रीता भारती जी और साध्वी रजनी भारती जी ने मधुर भजनों का गायन किया।
इस अवसर पर मंदिर कमेटी के पदाधिकारी, दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के सेवक तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि श्री राम कथा अमृत को लेकर जालंधर शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आध्यात्मिक आयोजन से जुड़ सके।
इस अवसर पर मन्दिर के प्रधान भूषण अग्रवाल, राकेश अग्रवाल, गुरुदत्त काला, ओम प्रकाश, राघव अग्रवाल, और करने वाले श्याम कराने वाले श्याम सेवा समिति के सेवादार कमल अग्रवाल भी मौजूद रहे।