दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान को सामाजिक एवं आध्यात्मिक क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए (IAS डिप्टी कमिश्नर कपूरथला, श्री आकाश बंसल जी की ओर से मिला प्रशंसा पत्र
दैनिक न्यूज टाईम्स/ जालंधर कैंट/ सेवा, संस्कार एवं आध्यात्मिकता के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र निर्माण में संस्थान का सराहनीय योगदान ।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान को समाज के उत्थान, आध्यात्मिक जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में किए जा रहे उल्लेखनीय एवं निःस्वार्थ कार्यों के लिए प्रशंसा पुरस्कार (Award of Appreciation) से सम्मानित किया गया।
*यह सम्मान जिला प्रशासन IAS आकाश बंसल, डिप्टी कमिश्नर कपूरथला की ओर से संस्थान के प्रतिनिधि स्वामी सज्जनानंद जी को प्रदान किया गया* ।
सम्मान-पत्र में संस्थान द्वारा परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी के दिव्य मार्गदर्शन में किए जा रहे सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यों की विशेष सराहना की गई। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से विभिन्न क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इनमें सामाजिक जागरूकता अभियान, युवा एवं महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम, नशामुक्ति अभियान, पर्यावरण संरक्षण तथा आध्यात्मिक एवं नैतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं। सम्मान-पत्र में कहा गया कि संस्थान की निःस्वार्थ सेवा एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता ने समाज को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आधुनिक भारत में “सेवा, संस्कार एवं आध्यात्मिकता” की भावना को भी मजबूत किया है। इस अवसर पर संस्थान की ओर से कहा गया कि यह सम्मान परम पूज्य श्री आशुतोष महाराज जी की दिव्य प्रेरणा एवं उनके मार्गदर्शन में सेवा कार्यों में समर्पित समस्त साध्वी बहनों, स्वामियों, सेवादारों एवं स्वयंसेवकों के सामूहिक प्रयासों का सम्मान है। संस्थान भविष्य में भी समाज में आध्यात्मिक जागृति, मानवीय मूल्यों, सेवा भावना एवं राष्ट्रहित की भावना को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा।संस्थान से जुड़े सदस्यों ने इस सम्मान के लिए जिला प्रशासन एवं क्षेत्र की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार उन्हें समाज सेवा के कार्यों को और अधिक समर्पण एवं उत्साह के साथ आगे बढ़ाने की प्रेरणा प्रदान करेगा।दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान का उद्देश्य आध्यात्मिक जागृति के माध्यम से व्यक्ति, समाज एवं राष्ट्र में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। संस्थान द्वारा “सेवा, संस्कार एवं आध्यात्मिकता” के मूल सिद्धांतों को केंद्र में रखते हुए विभिन्न सामाजिक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियां संचालित की जाती हैं।