चंडीगढ़: पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ अपने अभियान को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार जल्द ही Leadership in Mental Health Program (LMHP) के दूसरे बैच के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस चरण में 10 फेलो और 7 सीनियर एसोसिएट का चयन किया जाएगा, जिनका उद्देश्य राज्य के सभी 23 जिलों में मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति सेवाओं को सशक्त बनाना होगा।
यह पहल मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत नशे की समस्या से निपटने के लिए उपचार, पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
फरवरी 2026 में शुरू हुआ था पहला बैच
पंजाब सरकार ने फरवरी 2026 में देश का पहला Leadership in Mental Health Program (LMHP) शुरू किया था। वर्तमान में पहले बैच के 13 फेलो राज्य के विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के साथ-साथ नशा मुक्ति कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इन फेलोज़ का मुख्य उद्देश्य नशे से प्रभावित लोगों को उपचार, पुनर्वास और सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराना है ताकि वे सामान्य जीवन में वापस लौट सकें।
दूसरे बैच में होंगे 17 चयन
सरकार के अनुसार, दूसरे बैच में कुल 17 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे, जिनमें:
- 10 फेलो
- 7 सीनियर एसोसिएट
शामिल होंगे।
इस पहल का उद्देश्य राज्यभर में प्रशिक्षित मानसिक स्वास्थ्य पेशेवरों का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जो नशे की रोकथाम और पुनर्वास कार्यक्रमों को जिला स्तर तक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकें।
स्वास्थ्य विभाग और DITSU मिलकर चला रहे हैं कार्यक्रम
यह कार्यक्रम पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन संचालित किया जा रहा है। इसके संचालन में Data Intelligence and Technical Support Unit (DITSU) भी सहयोग कर रही है।
कार्यक्रम का उद्देश्य ऐसे विशेषज्ञ तैयार करना है जो वैज्ञानिक और साक्ष्य आधारित तरीकों से नशे की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं और पुनर्वास कार्यक्रमों का नेतृत्व कर सकें।
दो वर्षों तक करेंगे सेवा
एलएमएचपी के तहत चुने जाने वाले फेलो मनोविज्ञान, जनस्वास्थ्य, सामाजिक कार्य और अन्य संबंधित क्षेत्रों से आते हैं।
चयनित उम्मीदवार दो वर्षों तक राज्य के नशा विरोधी अभियान से जुड़कर विभिन्न जिलों में सेवाएं देंगे।
उन्हें निम्न क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है—
- मानसिक स्वास्थ्य सहायता
- मनोवैज्ञानिक परामर्श
- पुनः नशे की ओर लौटने से रोकथाम (Relapse Prevention)
- सामुदायिक पुनर्वास
- कार्यक्रम प्रबंधन
- नेतृत्व विकास
TISS मुंबई के सहयोग से प्रशिक्षण
फेलोज़ को प्रशिक्षण टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (TISS), मुंबई के सहयोग से दिया जाता है, जो इस कार्यक्रम का चयन एवं ज्ञान सहयोगी संस्थान है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल चिकित्सकीय जानकारी देना नहीं, बल्कि प्रतिभागियों को समुदाय के साथ मिलकर काम करने और प्रभावी नेतृत्व विकसित करने के लिए तैयार करना भी है।
स्वास्थ्य मंत्री ने क्या कहा
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ केवल नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तक सीमित अभियान नहीं है, बल्कि यह पंजाब के युवाओं को नई दिशा देने का एक व्यापक जन आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर नशे से प्रभावित लोगों को सम्मानजनक जीवन में वापस लाने के लिए उपचार और पुनर्वास पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।
नशे को सामाजिक चुनौती के रूप में समझने पर जोर
सरकार का मानना है कि नशे की लत केवल व्यक्तिगत समस्या नहीं बल्कि एक सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी चुनौती है।
फेलो जिला अस्पतालों, नशा मुक्ति केंद्रों और पुनर्वास संस्थानों में कार्य करते हुए—
- मरीजों को उपचार से जोड़ते हैं।
- परिवारों को परामर्श देते हैं।
- पुनः नशे की ओर लौटने से रोकने में मदद करते हैं।
- समुदाय में जागरूकता बढ़ाते हैं।
- सामाजिक कलंक कम करने का प्रयास करते हैं।
- उपचार पूरा होने के बाद भी मरीजों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करते हैं।
जिला स्तर पर निभा रहे अहम भूमिका
पहले बैच के फेलो विभिन्न जिलों में स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर बनाने और नशा मुक्ति कार्यक्रमों को अधिक प्रभावी बनाने का कार्य कर रहे हैं।
वे जिला स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ समुदाय आधारित पुनर्वास मॉडल को भी बढ़ावा दे रहे हैं।
मानसिक स्वास्थ्य को बनाया अभियान का आधार
पंजाब सरकार का कहना है कि नशा मुक्त समाज केवल अवैध मादक पदार्थों की आपूर्ति रोकने से संभव नहीं है। इसके लिए मानसिक स्वास्थ्य, परिवारों का सहयोग, सामुदायिक भागीदारी और प्रभावी पुनर्वास व्यवस्था भी उतनी ही आवश्यक है।
इसी सोच के साथ Leadership in Mental Health Program को आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि नशे से प्रभावित लोगों को उपचार के साथ-साथ समाज में सम्मानपूर्वक दोबारा स्थापित किया जा सके।
सरकार का मानना है कि कानून, उपचार, पुनर्वास और समुदाय की भागीदारी—इन सभी के संयुक्त प्रयासों से ही पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रभावी प्रगति की जा सकती है.


